“हौंडा ने एक्टिवा को भारतीय बाजार में उस समय पेश किया था जब भारत की स्कूटर बनाने वाली दिग्गज कंपनी ने स्कूटर को बेकार मानकर किनारा कर लिया था। लेकिन आज जब वह कंपनी हौंडा की ऑटोमेटिक स्कूटर में बादशाहत देखती होगी तो जरूर अपने उस फैसले पर पछताती होगी जिसके तहत उसने इतना बड़ा अवसर गंवा दिया। अपने सफलता के झंडे गाड़ने के बाद अब हौंडा नए-नए प्रयोग कर रही है और उसी क्रम में भारतीय बाजार में क्लिक की एंट्री हुई है। आइए आपको इसकी राइड पर ले चलते हैं और बताते हैं कि यह स्‍कूटर चलाने में कैसा है।”
हौंडा 2 व्हीलर को एक्टिवा को भारतीय बाजार में पेश किए हुए 18 साल हो गए हैं लेकिन इसके बावजूद इस स्कूटर की डिमांड ज्यों की त्यों बनी हुई है। हौंडा की मानें तो अब भी कंपनी के पास लगभग 30 हजार स्‍कूटरों की बुकिंग पेंडिंग है। इसके बाद सबसे बड़ा जादू हौंडा ने तब किया जब उसने भारतीय बाजार में नवी को उतारा। आजतक लोग यह समझ नहीं पाए हैं कि यह बाइक या स्कूटर या ‌फिर कुछ और। यही वजह है कि अब हौंडा को इस बात का सार्टीफिकेट मिल गया है कि अब वो जो भी करेगी उसे भारतीय बाजार में स्वीकार कर लिया जाएगा। हौंडा क्लिक इसी बात का एक और सुबूत है जो अब देश के ग्रामीण इलाके को टार्गेट करते हुए तैयार किया गया है। इस स्कूटर में एक्टिवा वाला इंजन जरूर दिया गया है लेकिन कुछ स्टाइल नवी से ली गई है। यह स्कूटर आपके कितने काम का है आइए इसे जयपुर में चलाकर पता लगाते हैं।
डिजाइन
इस नए स्कूटर क्लिक का डिजाइन पूरी तरह से रिफ्रेश है और कुछ चीजें इसमें नवी से लेकर लगाई गई हैं। सामने से यह काफी तगड़ी दिखती है व इसकी हेडलाइट बॉक्सी है जो इसे स्पोर्टी अंदाज प्रदान करती है। इसके छोटे सिर नुमा नजर आने वाले हेड पर दिए गए स्पीडोमीटर को खुलकर दिखने के लिए काफी जगह मिल गई है। इसमें आपको ट्रिप मीटर, फ्यूल गेज और ट्रिप मीटर के स्पीडो कंसोल नजर आएगा। इसके अलावा हैंडलबार एक प्लास्टिक से निकलता हुआ दिखता है। यह मुझे ज्यादा बुरा नहीं लगा पर कुछ लोगों को यह अंदाज पसंद नहीं आया। इसका हैंडलबार और उस पर ‌दिए गए बटन व मिरर भी नवी से लेकर लगाए गए हैं। यह बेसिक चीजें हैं जिन पर कास्ट ज्यादा न आए इसका पूरा ख्याल रखा गया है। मुझे इसका फ्लोरबोर्ड पसंद आया क्योंकि मेरे घुटने यहां पर आराम से थे राइडिंग के दौरान। यहां पर बीच में आप थोड़ा सामान रखने के लिए एसेसरीज के तौर पर एक बॉक्स लगा सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको अलग से पैसा खर्चना होगा।
आरामदायक सीट
इसकी सीट बड़ी व चौड़ी है इसकी ऊंचाई के आकार की बात करें तो यह 743 मिलीमीटर ऊंची है। छोटे कद के राइडर भी यहां आराम से बैठ सकते हैं। इसका अंडरसीट स्टोरेज काफी है और इसमें हौंडा ने यूएसबी चार्जिंग प्वाइंट भी दिया हुआ है। इसके अलावा इसे खूबसूरत बनाने के मकसद से इसमें नवी जैसा गोलाकार एक सर्कल जैसा लगाया गया है जो कि दोनों तरफ आपको मिलेगा। इसका सिर्फ इस स्कूटर को खूबसूरती देने के अलावा और कुछ भी नहीं है। पीछे बैठी सवारी को सपोर्ट लेने के लिए इसमें एक ट्यृबलर मेटल का ग्रैब हैंडल भी दिया गया है जिसमें सामान लटकाने के लिए हुक भी लगे हुए हैं। इसके अलावा अगर आपको क्लिक से और ज्यादा काम करना है इसमें कैरियर एसेसरीज के तौर पर जोड़ सकते हैं। एक बार फिर इसके लिए आपको अलग से जेब ढीली करनी पड़ेगी।
क्लिक का तुलनात्मक परिचय
ऐसा स्कूटर इंडिया पहली बार लॉन्च किया गया है। ऐसा कहें कि यह इंडिया का सबसे सस्ता स्कूटर है जो गलत नहीं होगा लेकिन इसका कोई कंपटीशन फिलहाल नहीं है और इससे ज्यादा फर्क आप पर नहीं पड़ने वाला पर हां प्रतिस्पर्धी कंपनियों को एक बार अपना दिमाग इस सेगमेंट में जरूर लगाना पड़ेगा। एक्टिवा या फिर फिर एक्टिवा आई की तुलना में यह क्लिक पतला है। इसका कुल वजन 102 किलो का है जो कि एक्टिवा से 6 किलो कम है जबकि नवी से 1 किलो ज्यादा है। इसके ईंधन टैंक की क्षमता सिर्फ 3.5 लीटर की है जो कि नवी के 3.8 लीटर टैंक से व एक्टिवा के 5.3 लीटर टैंक से छोटा है। हौंडा ने इसके प्रजेंटेशन के दौरान बताया कि इससे एक टैंक में 200 किलोमीटर की यात्रा की जा सकती है यानी कि इसका माइलेज लगभग 60 किमीप्रली के आसपास होना चाहिए।
किसके लिए है क्लिक
स्कूटर भले ही भारत में काफी लोकप्रिय है लेकिन इसके बावजूद अभी तक स्कूटर ग्रामीण इलाकों से काफी दूर हैं। शायद महंगा होने के वजह से लोग स्कूटर नहीं खरीद रहे थे। लेकिन हौंडा की मानें तो क्लिक के आने के बाद लोगों की धारणा बदलेगी और हर कोई इस सस्ते स्‍कूटर को अफोर्ड कर पाएगा। इसका डिजाइन ग्रामीण इलाके के लोगों की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यही वजह है कि इस स्कूटर के नेशनल लॉन्च के लिए इस बार हौंडा ने दिल्ली या मुंबई के बजाए राजस्‍थान के जयपुर को चुना। इसमें नए ब्लॉक पैटर्न वाले सिएट के टायरों का प्रयोग किया गया है। ये टायर ट्यूबलेस हैं और ऑफ रोड में भी बढ़िया ग्रिप देने में सक्षम हैं। मेरे चलाने के दौरान इनके टायरों की ग्रिप हाई ब्रेकिंग पर बढ़िया दिखी। इसका वजन कम है इसलिए इसे ट्रैफिक में आराम से चलाया जा सकता है। मुझे लगता है कि जिस मकसद को लेकर हौंडा ने क्लिक को डिजाइन किया है वह पूरा हो गया है और इस स्कूटर को नवी के तरह बाजार से बढ़िया रिस्पांस मिल सकता है।
परफॉर्मेंस
क्लिक में हौंडा ने एक्टिवा व नवी वाला 109.19 सीसी इंजन ही प्रयोग किया है। इसके ट्यृनिंग से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। लेकिन इसके बावजूद इसका इंजन उतना मजेदार नहीं लगता जितना मजेदार यह नवी में लगता है। यह इंजन 8.04 एचपी की शक्ति व 8.94 एनएम का टॉर्क देता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर 83 किमीप्रघं की उच्‍च गति दे सकती है। इसके उच्च गति तक पहुंचने में हालांकि मुझे वक्त लगा और आपको लगेगा लेकिन जो लोग इस पर पिलियन करेंगे उनको टॉप गति तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। एक्टिवा की तुलना में इसका व्हीलबेस 3 मिलीमीटर लंबा है। लेकिन टायरों का साइज दोनों तरफ 10 इंच का है। इसमें 130 मिलीमीटर का ड्रम ब्रेक लगा है साथ ही इसमें हौंडा का कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्‍टम दिया गया है जो कि अपना काम बखूबी करता है।
हमारा फैसला
हौंडा ने क्लिक की कीमत 42 हजार 499 रुपये एक्सशोरूम दिल्ली रखी है। यह स्कूटर पैट्रियोटिक रेड विद व्हाइट, ब्लैक, मोरोकैन ब्लू विद व्हाइट और आरकस ग्रे में उपलब्‍ध है। इस स्कूटर के जरिए हौंडा पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसका फोकस रूरल मार्केट है। अगर आपको एक्टिवा महंगा लगता है तो ये स्कूटर आपके दिमाग में जरूर क्लिक कर सकता है। यह एक बढ़िया विकल्प है उनके लिए जो एक्टिवा सिर्फ इसलिए नहीं खरीद पाए थे क्योंकि वह महंगा था। तो ऐसा लगता है कि सच में ये स्कूटर भारतीय बाजार में बड़े काम की चीज साबित होने जा रहा है।