दुर्घटनाएं दस्तक देकर नहीं आतीं बस आपकी छोटी सी लापरवाही एक ऐसा जख्म दे जाती है जिसका प्रायश्चित आप जीवन भर नहीं कर पाते। इसलिए ड्राइव करते वक्त इन बातों पर भी गौर करें जिसे कभी आपने सोचा भी नहीं था। ड्राइविंग एक उद्देश्य है इससे मस्ती करने का एक अलग दायरा व अलग जगह है। अगली बार जब आप कार में बैठें तो इन बातों पर गंभीरता से सोचें जिसका जिक्र आज इस स्तंभ में मैं करने जा रहा हूं। आपकी ड्राइविंग संपूर्ण तभी होती है जब आपके साथ दूसरे भी सेफ रहें।
बच्चों को उतारते समय
पूरी दुनिया में कई ऐसे मां-बाप हैं जो खुद को इसलिए माफ नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनकी थोड़ी सी लापरवाही के चलते वो अपने मासूमों के ही का‌तिल बन बैठे हैं। अगली बार जब आप गाड़ी को रोककर अपने बच्चों को उतार रहे हों तो बस एक बात ध्यान जरूर रखिएगा कि जब तक बच्चे पूरी तरह से गाड़ी से अलग न हट जाएं ड्राइविंग सीट पर मत बैठिएगा। बच्चे चंचल होते हैं और महज गेट खोलकर उन्हें एक साइड में खड़ा करके आप ये सुनिश्चित नहीं कर सकते कि बच्‍चे स्टेचू बनकर वहीं खड़े रहेंगे। बच्चों को एक सुरक्षित स्‍थान पर किसी के हवाले करके ही गाड़ी को आगे बढ़ाएं। अगर आपके साथ कोई उन्हें संभालने वाला नहीं है तो कोई बात नहीं गाड़ी को उसकी जगह पर पार्क कर लें इसके बात अपने बच्चे को उतारें और अपने साथ सुरक्षित लेकर जाएं। ऐसा करके आप अपने मासूमों पर बहुत बड़ा अहसान करेंगे व किसी अनहोनी को टाल सकेंगे।
मोहल्ले में ड्राइविंग के वक्त 
जिस मोहल्ले में आप रहते या फिर किसी और के मोहल्ले में गाड़ी चलाते वक्त दिमाग में हमेशा इस बात को गांठ बांध लें कि आप रेस ट्रैक या खुले हाईवे पर नहीं हो। बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके यहां साइड में सड़क के किनारे गाड़ियां पार्क रहती हैं और सड़क पर बच्चे अपनी साइकिल चलाते हैं व दौड़-दौड़कर लुका-छिपी का खेल खेल रहे होते हैं। इसलिए मोहल्ले में ड्राइविंग के वक्त किसी भी कीमत पर आपकी गाड़ी या फिर बाइक की स्पीड 20 किमीप्रघं से ज्यादा नहीं रहनी चाहिए। बहुत से लोग जानबूझकर मोहल्ले में तेज राइड करते हैं हमें उन्हें भी समझाने की जरूरत है। अगली बार ये ध्यान रहे ऐसा न होने पाए क्योंकि ये वो गलियां हैं जहां हमारे देश का भविष्‍य अपना मासूम बचपन एंज्वॉय कर रहा है।
बच्चों को डैशबोर्ड से दूर रखें
बहुत से बच्चे ड्राइविंग के वक्त फ्रंट सीट पर डैशबोर्ड के सहारे खड़े हो जाते हैं। आप याद रखें कि अचानक ब्रेकिंग के दौरान बच्चा सीधे विंड स्क्रीन से टकरा सकता है जिससे उसके सिर पर चोट आ सकती है। इसलिए ध्यान रहे कि बच्चा आपके बगल बैठे यात्री के गोद में रहे या फिर सीट बेल्ट लगाकर बैठे। अगर बच्चा न माने तो ड्राइविंग अवाइड करिए क्योंकि बच्चों के साथ इस तरह की ड्राइविंग बेहद खतरनाक होती है।
18 साल से पहले बच्चे को न दें वाहन
जब तक आपका बच्चा बालिग न हो जाए आप उसे किसी भी कीमत पर गाड़ी की चाभी न दें और न ही उसे ड्राइविंग के लिए प्रोत्साहित करें। बहुत से मां-बाप अपने बच्चों को बिना सोचे समझे सिर्फ बहादुरी के चलते गाड़ी की चाभी सौंप देते हैं। आजकल बहुत सारी दुर्घटनाओं में नाबालिग ड्राइव करते पाए गए हैं। जीवन अनमोल है और अपने नाबालिग बच्चे को गाड़ी की स्टीयरिंग पर बिठाकर आप उसे मौत के मुंह में ढकेल रहे हैं, ऐसा न करें।