हमेशा वो कहानियां पढ़ने में मजा आता है जिसके घटनाक्रम आपको एक दिलचस्प दिल छू लेने वाली बातों से रूबरू करवाते हैं। चौंकिएगा एकदम मत क्योंकि ये कहानी भी ऑटो इंडस्ट्री के इर्द गिर्द ही घूम रही है। लेकिन इसमें इंजन से ज्यादा बात होगी टायरों की। अगर मैं आपसे सवाल करूं कि क्या आप बीकेटी को जानते हैं ? मैं उम्मीद करूंगा कि ज्यादातर जवाब होंगे नहीं। इसका मतलब ये है कि आप एक ऐसी देशी टायर कंपनी को नहीं जानते जिसने पूरी दुनिया में अपनी धूम मचा रखी है। 1987 में बीकेटी नाम की एक टायर कंपनी ने भारत में दुपहिया व तीन पहिया वाहनों के लिए टायर बनाना शुरू किया, लेकिन भारत में यह कंपनी कोई बड़ा धमाका नहीं कर पाई। लेकिन इसके बाद जो हुआ उसका परिणाम है आज एक देशी टायर कंपनी पूरी दुनिया में अपना ऑफ-हाईवे टायर सेगमेंट में धमाका मचा रखा है। 
आपको जानकर हैरानी होगी कि ऑफ हाईवे टायर सेगमेंट में उतरने के बावजूद कंपनी ने अपना बेस भारत को ही बनाकर रखा। कंपनी ने लगभग 500 मिलियन यूएस डॉलर का निवेश करके कंपनी ने गुजरात के भुज में अपना 312 एकड़ का टायर प्लांट तैयार किया जिसमें तैयार टायर पूरे दुनिया में भेजे जाते हैं। भारत ‘मेक इन इंडिया फॉर द वल्र्ड’ पर केंद्रित हो रहा है, जिसका मतलब स्वदेशी उत्पादों और सेवाओं के निर्यात पर जोर है। हालांकि, आयातित उत्पादों को घरेलू उत्पादों के साथ प्रतिस्थापित करने पर भी समान रूप से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। कितने आश्चर्य की बात है कि आज जहां भारत अंतरिक्ष में अपने लोगों को भेजने की तैयारी कर रहा है, वहीं स्थानीय विकल्प की अनुपलब्धता के कारण रोड टायर्स के कुछ प्रकार आज भी बाहर से आयात किए जा रहे हैं। भुज प्लांट में मुख्य संयंत्र क्षेत्र 72 एकड़ का है, 30 एकड़ में फैले बिजली संयंत्र के अलावा आउटडोर ट्रैक के साथ आर एंड डी सेंटर है जो कि 25 एकड़ में फैला हुआ है। इस तरह यह केवल एक विनिर्माण सुविधा नहीं है बल्कि यहां 15 एकड़ भूमि में व्यवस्थित एक पूर्ण टाउनशिप भी शामिल है।
फिलहाल, यहां 51’’ इंच टायर बिलिंडग मशीनों के साथ परिचालन हो रहा है, भविष्य का लक्ष्य विनिर्माण मशीनों को 65 मशीनों तक पहुंचा देना है। मौजूदा दैनिक क्षमता लगभग 400 मीट्रिक टन है जिसमें 350 मीट्रिक टन की क्षमता पहले से ही उपयोग ली जा रही है। वर्तमान में निर्मित सबसे बड़ा रेडियल टायर 27.00 आर 49 है और इससे इस तरह के बड़े आकार के टायरों के आयात को कम करने में मदद मिली है। नए टायर आकारों और पैटर्न के विकास और निर्माण के लिए बीकेटी गहन अनुसंधान और विकास की ओर कदम बढ़ा रहा है, इसी के अनुरूप बीकेटी भुज में महाबीर प्रसाद पोद्दार नॉलेज सेंटर (एमपीकेसी) नामक एक अद्वितीय टायर परीक्षण केंद्र भी स्‍थापित है।
एमपीकेसी में उन्नत टेस्ट ट्रैक है जो विशेष रूप से कृषि और औद्योगिक टायर परीक्षण के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसमें छह अलग-अलग टेस्ट ट्रैक शामिल हैं जिनमें गीले और सूखे ट्रैक दोनों का संयोजन होता है। यहां, बीकेटी के इंजीनियर कई मानकीकृत परीक्षणों के माध्यम से उत्पाद की गुणवत्ता और प्रदर्शन की तुलना व आकलन करते हैं। यहां किए जा रहे सभी परीक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार निर्दिष्ट भार और गति का उपयोग करके होते हैं। कंपनी का सबसे बड़ा बाजार मौजूदा समय यूरोप है।