BS6 की समय सीमा 1 अप्रैल 2020 है, यानी कि इससे पहले देश की सभी ऑटो निर्माता कंपनियों को इस मानक से अपग्रेड कर लेना है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने इसको काफी गंभीरता से लिया और समय से पहले ही कंपनी की लगभग 50 फीसद पेट्रोल कारें बीएस6 पर आधारित हो गई हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि मारुति सुजुकी द्वारा भारत में बेचे जाने वाली सभी कारों में 70 फीसदी हिस्सा पेट्रोल कारों का है और यही वजह रही कि कंपनी ने डीजल कारों के बजाय पेट्रोल पर ज्यादा भरोसा दिखाया।

निर्धारित समय सीमा से पहले पूरा किया बीएस 6 होने का लक्ष्य
बीएस6 इंजन के साथ सबसे ज्यादा कारें बेचने वाली कंपनी बनी
मारुति के पेट्रोल कारों का पचास फीसदी हिस्सा हुआ बीएस 6

जिन कारों को कंपनी ने इस नियम के अनुकूल ढाल दिया है उनमें शामिल हैं आल्टो 800, वैगनआर (1.2 लीटर), स्विफ्ट, डिज़ायर और अर्टिगा। हाल ही में लॉन्च की गई एक्सएल6, मल्टी परपज़ व्हीकल भी बीएस6 आधारित है। ये सभी वाहन उद्योग जगत में सबसे ज़्यादा बिकने वाले वाहनों में शामिल हैं।
केनिची आयुकावा, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, मारुति सुजुकी ने कहा, ‘‘पर्यावरण के प्रति सजग एवं ज़िम्मेदार ब्राण्ड होने के नाते मारुति सुजुकी अप्रैल 2020 से पहले बीएस 6 कंप्लायंट वाहन पेश करने के भारत सरकार की योजना के अनुरूप कदम बढ़ा रही हैं। निर्धारित दिनांक से बहुत पहले कंपनी के सबसे ज़्यादा बिकने वाले सात कारें बीएस6 आधारित हैं। हम निर्धारित समयसीमा से पहले अपनी पेट्रोल कारों की सम्पूर्ण रेंज को बीएस 6 तकनीकि में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। BS6 वाहनों में सुजुकी की प्रमाणित तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है ,जो उत्सर्जन को काफी कम कर स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में योगदान देती है।’’